क्रिकेट में कुछ रिकॉर्ड ऐसे होते हैं, जिनके पीछे सिर्फ आंकड़े नहीं बल्कि वर्षों की मेहनत, निरंतरता और एक खास अंदाज छिपा होता है। रोहित शर्मा का नाम भी ऐसे ही रिकॉर्ड्स की फेहरिस्त में लगातार आगे बढ़ता रहा है। लंबे समय से अपनी शानदार टाइमिंग और लंबे छक्कों के लिए पहचाने जाने वाले रोहित ने भारतीय जमीन पर एक ऐसा मुकाम हासिल किया, जिसने उनके नाम को क्रिकेट इतिहास के खास पन्नों में दर्ज कर दिया।
रोहित शर्मा भारत में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दौरान 200 छक्के पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बने। यह उपलब्धि उन्होंने 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के दौरान हासिल की थी। उस मुकाबले में रोहित ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 161 रन बनाए और अपनी पारी के दौरान दो छक्के लगाकर यह ऐतिहासिक आंकड़ा छुआ।
छक्कों के साथ बना खास रिकॉर्ड
रोहित की इस उपलब्धि की खास बात यह थी कि यह सिर्फ किसी एक फॉर्मेट का रिकॉर्ड नहीं था। इसमें भारत की धरती पर खेले गए उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मुकाबलों में लगाए गए छक्के शामिल थे। यानी टेस्ट, वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय—इन सभी फॉर्मेट में भारत में लगाए गए उनके छक्कों को मिलाकर यह आंकड़ा 200 तक पहुंचा।
इस रिकॉर्ड तक पहुंचने के लिए रोहित ने अलग-अलग दौर में अलग-अलग गेंदबाजों का सामना किया। कभी नई गेंद के खिलाफ आक्रामक शुरुआत की, तो कभी स्पिनरों के खिलाफ अपने पसंदीदा शॉट्स खेले। उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी पहचान रही है कि वह गेंद की लाइन और लेंथ को बेहद जल्दी पढ़ लेते हैं और सही समय पर उसे सीमा रेखा के पार पहुंचा देते हैं।
चेन्नई में यादगार बनी वह पारी
इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में रोहित शर्मा का बल्ला जमकर बोला था। उन्होंने 161 रनों की पारी खेली और भारतीय पारी को मजबूत आधार दिया। इसी दौरान जब उन्होंने मोईन अली की गेंद को मैदान के बाहर भेजा, तो उनके नाम भारत में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 200 छक्के पूरे हो गए। उस समय उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक वह ऐसा करने वाले दुनिया के चौथे बल्लेबाज थे और भारत के पहले खिलाड़ी।
यह उपलब्धि इसलिए भी खास थी क्योंकि रोहित से पहले भारतीय खिलाड़ियों में किसी ने भी भारतीय जमीन पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 200 छक्कों का आंकड़ा नहीं छुआ था। उस समय एमएस धोनी और युवराज सिंह जैसे बड़े नाम भी इस सूची में पीछे थे।
रोहित और छक्कों का पुराना रिश्ता
रोहित शर्मा के खेल को समझने के लिए उनके छक्कों के आंकड़े काफी कुछ बताते हैं। वह केवल ताकत के भरोसे गेंद को सीमा के पार नहीं भेजते, बल्कि उनकी बल्लेबाजी में टाइमिंग का बड़ा योगदान रहता है। उनका पुल शॉट और सामने की तरफ लगाया गया लंबा छक्का दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसकों के बीच उनकी पहचान बन चुका है।
आईसीसी भी रोहित को उनकी सहज छक्के लगाने की क्षमता के लिए विशेष रूप से पहचानता है। उनके करियर में ऐसे कई मौके आए हैं जब उन्होंने कुछ ही गेंदों में मैच का रुख बदल दिया।
200 ODI छक्कों का रिकॉर्ड भी रहा खास
रोहित की छक्कों से जुड़ी कहानी यहीं खत्म नहीं होती। इससे पहले 2018 में उन्होंने वनडे क्रिकेट में भी 200 छक्के पूरे किए थे। वेस्टइंडीज के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में खेले गए पांचवें वनडे में उन्होंने चार छक्के लगाकर यह आंकड़ा पार किया था। उस समय रोहित सिर्फ 187 पारियों में 200 ODI छक्के पूरे करने वाले सबसे तेज बल्लेबाज बने थे।
यह उपलब्धि उस समय और बड़ी बन गई थी क्योंकि वह वनडे क्रिकेट में 200 छक्के लगाने वाले दुनिया के सातवें बल्लेबाज और भारत के दूसरे बल्लेबाज बने थे।
T20 क्रिकेट में भी बनाया अलग मुकाम
रोहित शर्मा का नाम T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी छक्कों के बड़े रिकॉर्ड से जुड़ा है। 2024 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ T20 विश्व कप मुकाबले में उन्होंने आठ छक्के लगाए और उनकी T20I छक्कों की संख्या 203 तक पहुंच गई। इसके साथ ही वह पुरुष T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 200 छक्के पूरे करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने।
इस तरह देखा जाए तो रोहित की बल्लेबाजी सिर्फ बड़े स्कोर बनाने तक सीमित नहीं रही। अलग-अलग फॉर्मेट में छक्कों से जुड़े कई ऐतिहासिक आंकड़े उनके करियर की पहचान बन चुके हैं।
‘हिटमैन’ नाम को आंकड़े भी करते हैं साबित
रोहित शर्मा को क्रिकेट की दुनिया में ‘हिटमैन’ के नाम से जाना जाता है। यह नाम उन्हें सिर्फ प्रशंसकों के प्यार से नहीं मिला, बल्कि उनके खेल का अंदाज भी इसकी वजह रहा है। जब रोहित क्रीज पर सेट होते हैं तो गेंदबाज की एक छोटी सी गलती भी स्टैंड्स तक पहुंच सकती है।
भारत में 200 अंतरराष्ट्रीय छक्कों का रिकॉर्ड इसी लंबे सफर की एक झलक है। स्कूल क्रिकेट से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक रोहित ने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन सलामी बल्लेबाज के रूप में खुद को स्थापित करने के बाद उनकी बल्लेबाजी ने एक अलग ही रफ्तार पकड़ ली। आईसीसी के अनुसार, 2013 में ओपनिंग की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके करियर में बड़ा बदलाव आया और वह भारत के प्रमुख सफेद गेंद बल्लेबाजों में शामिल हो गए।
रोहित के लिए ये आंकड़े सिर्फ रिकॉर्ड बुक में दर्ज नंबर नहीं हैं। हर छक्के के पीछे एक कहानी है—कभी दबाव में खेली गई पारी, कभी टीम को तेज शुरुआत देने की कोशिश और कभी ऐसा शॉट जिसने पूरे स्टेडियम को एक साथ खड़े होने पर मजबूर कर दिया।
यही वजह है कि रोहित शर्मा का नाम जब भी लंबे छक्कों और आक्रामक बल्लेबाजी की बात आती है, तो क्रिकेट प्रशंसकों के बीच अपने आप चर्चा में आ जाता है। भारत की धरती पर 200 अंतरराष्ट्रीय छक्कों का यह मुकाम उनके उसी सफर की एक यादगार उपलब्धि है।
