अंकिता भंडारी केस में राहुल गांधी ने परिवार का समर्थन किया। जानिए इंडिया गेट पर प्रदर्शन, माता-पिता की हिरासत और CBI जांच से जुड़े विवाद की पूरी जानकारी।
उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। दिल्ली के इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता की ओर से न्याय की मांग उठाए जाने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी परिवार के समर्थन में सामने आए। इस मामले में परिवार की मांग है कि कथित VIP कनेक्शन की जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। इसी बीच प्रदर्शन के दौरान अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने की घटना ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को और बढ़ा दिया है।
इंडिया गेट पर अंकिता के परिवार से मिले राहुल गांधी
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शन किया गया। इसी दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात कर उनकी बात सुनी। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया साझा की और परिवार की मांगों का समर्थन किया।
राहुल गांधी की पोस्ट के मुताबिक, अंकिता के माता-पिता शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे। उनकी प्रमुख मांग थी कि मामले से जुड़े कथित VIP एंगल की जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति को रोका जाए।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि अंकिता के परिवार की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब कब और किस तरह सामने आएगा। परिवार लंबे समय से मामले के हर पहलू की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहा है।
तड़के हिरासत में लिए जाने की घटना से बढ़ा विवाद
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इंडिया गेट के पास प्रदर्शन के दौरान अंकिता के माता-पिता को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। यह कार्रवाई सुबह करीब चार बजे हुई और बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
घटना के बाद कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाए कि न्याय की मांग कर रहे परिवार को इस तरह हिरासत में लेने की जरूरत क्यों पड़ी। हालांकि, हिरासत में लिए जाने के पीछे पुलिस की ओर से बताई गई वजह और कार्रवाई से जुड़े आधिकारिक विवरण को अलग से ध्यान में रखना जरूरी है।
अंकिता के परिवार की नाराजगी इस बात को लेकर है कि उनकी मांगों पर स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। परिवार चाहता है कि मामले से जुड़े सभी सवालों की निष्पक्ष जांच हो और किसी भी संभावित भूमिका को नजरअंदाज न किया जाए।
दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति पर परिवार की आपत्ति
दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद अंकिता भंडारी मामले में एक नया विवाद सामने आया। परिवार ने मांग की कि कथित VIP कनेक्शन की जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।
यहां यह समझना जरूरी है कि नियुक्ति को लेकर उठाई गई आपत्ति और किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप अपने आप में अपराध साबित नहीं करते। दुष्यंत कुमार गौतम ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। ऐसे में मामले से जुड़े तथ्यों, साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचना उचित होगा।
परिवार की मांग का मुख्य केंद्र यह है कि अंकिता के मामले में उठे अनुत्तरित सवालों की जांच हो और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे। इसीलिए राज्यपाल की नियुक्ति का मुद्दा भी अब इस विवाद के साथ जुड़ गया है।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड का पूरा मामला
अंकिता भंडारी उत्तराखंड में ऋषिकेश के पास स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनके लापता होने की खबर सामने आई थी। कुछ दिनों बाद चिल्ला नहर से उनका शव बरामद हुआ। इस घटना ने पूरे उत्तराखंड में आक्रोश पैदा कर दिया था।
मामले की जांच के बाद रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया। मई 2025 में अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अदालत के फैसले के बाद भी मामले से जुड़े कथित VIP एंगल को लेकर परिवार और अन्य लोगों की ओर से सवाल उठते रहे हैं। परिवार चाहता है कि इस पहलू की भी निष्पक्ष जांच हो, ताकि किसी तरह का संदेह बाकी न रहे।
CBI जांच से परिवार को क्या उम्मीद है
अंकिता भंडारी मामले में कथित VIP कनेक्शन की जांच लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। परिवार की मांग है कि जांच में सामने आने वाले हर तथ्य को गंभीरता से लिया जाए और यदि किसी की भूमिका के प्रमाण मिलते हैं, तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
इस मामले में CBI जांच को लेकर उठ रही मांगों और कार्रवाई की स्थिति को समझने के लिए आधिकारिक बयानों तथा जांच एजेंसी की पुष्टि पर भरोसा करना जरूरी है। जांच का उद्देश्य किसी पहले से तय निष्कर्ष को सही साबित करना नहीं, बल्कि साक्ष्यों के आधार पर सच्चाई सामने लाना होता है।
परिवार के लिए यह केवल कानूनी प्रक्रिया का सवाल नहीं, बल्कि अपनी बेटी को न्याय दिलाने और उससे जुड़े सभी संदेहों का जवाब पाने की लड़ाई भी है। यही वजह है कि इस मामले में होने वाली हर नई कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है।
प्रियंका गांधी ने भी परिवार के प्रति जताया समर्थन
राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की। कांग्रेस नेताओं ने परिवार की मांगों का समर्थन करते हुए निष्पक्ष जांच और जवाबदेही पर जोर दिया।
हालांकि, इस मामले को केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रखना उचित नहीं होगा। सबसे अहम बात यह है कि परिवार की शिकायतों और सवालों पर संबंधित एजेंसियां तथ्यों के आधार पर काम करें। जांच में जो भी निष्कर्ष सामने आएं, उन्हें स्पष्ट रूप से रखा जाए और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई हो।
अंकिता के परिवार को अब न्याय और जवाब का इंतजार
अंकिता भंडारी हत्याकांड ने महिला सुरक्षा, कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ व्यवहार और प्रभावशाली लोगों की संभावित जवाबदेही जैसे कई गंभीर मुद्दों को सामने रखा है। इस मामले में तीन दोषियों को सजा मिल चुकी है, लेकिन कथित VIP कनेक्शन को लेकर परिवार की मांग ने बहस को फिर से चर्चा में ला दिया है।
राहुल गांधी का समर्थन, इंडिया गेट पर प्रदर्शन और अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने की घटना ने इस मुद्दे को दोबारा सुर्खियों में पहुंचा दिया है। अब आगे की जांच और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई अहम होगी।
अंकिता के परिवार की मांग है कि उन्हें न्याय मिले और उनके सवालों का जवाब दिया जाए। इस मामले में भरोसा कायम करने के लिए जरूरी है कि जांच निष्पक्ष हो, साक्ष्यों को महत्व दिया जाए और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ फैसला तथ्यों तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही हो।
